सब्र का अर्थ केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि अल्लाह के फ़ैसले पर राज़ी रहना है। क़ुरआन में सब्र करने वालों के लिए बेहिसाब अज्र का वादा किया गया है।
सब्र का अर्थ केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि अल्लाह के फ़ैसले पर राज़ी रहना है। क़ुरआन में सब्र करने वालों के लिए बेहिसाब अज्र का वादा किया गया है।
सब्र: मोमिन की सबसे बड़ी ताक़त
إِنَّ اللَّهَ مَعَ الصَّابِرِينَ
सब्र का अर्थ केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि अल्लाह के फ़ैसले पर राज़ी रहना है। क़ुरआन में सब्र करने वालों के लिए बेहिसाब अज्र का वादा किया गया है।
सब्र का अर्थ केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि अल्लाह के फ़ैसले पर राज़ी रहना है। क़ुरआन में सब्र करने वालों के लिए बेहिसाब अज्र का वादा किया गया है।
सब्र का अर्थ केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि अल्लाह के फ़ैसले पर राज़ी रहना है। क़ुरआन में सब्र करने वालों के लिए बेहिसाब अज्र का वादा किया गया है।